Saturday, August 18, 2012

मेरा "दिल" एक आईने जैसा है





मेरा "दिल" एक आईने जैसा है,

जिसमे दिखाई देने वाला चहेरा सिर्फ आपका है,

तोड़ दोगे तो टूट जाएगा ये, 

बिखर के रहे जाएगा अनगिनत टुकडो मै,

उस अनगिनत टुकडो मै भी दिखाई देने वाला हर चहेरा आपका है.



संजय जोषी (अंजान)




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